SSC CHSL UFM Rule: एक बार फिर कर रहा ट्रेंड

SSC CHSL UFM Rule

SSC CHSL UFM Rule को लेकर उम्मीदवारों का प्रदर्शन तेज होता जा रहा है. उसी की एक बानगी शुक्रवार को फिर twitter पर देखने को मिली, जहां छात्रों ने एक बार इस मुद्दे को ट्रेंड कराया.

लंबे समय से कई अधिकारियों, मंत्रियो और SSC को अपने मुद्दों से अवगत कराने के बाद भी उम्मीदवारों की मांग पर ध्यान नहीं दिया जा रहा है. एसएससी के वरिष्ठ अधिकारी ने बताया थी कि 10 जून के बाद इस मामले पर आयोग फैसला लेगा.

लेकिन 10 जून बीत जाने के बाद भी आयोग और अधिकारियों ने कोई कारवाई नहीं की. विशेषज्ञों से जांच कराने की बात करने वाले आयोग ने अभी तक इस मामले में उसने क्या कदम उठाए, उसकी भी जानकारी छात्रों को नहीं दी गई.

बता दें कि, SSC के “UFM” नियम (जिसे आप काल्पनिक नियम भी कह सकते है) के कारण उम्मीदवार अयोग्य घोषित कर दिए गए. इन सभी छात्रों ने SSC CHSL की परीक्षा के डिस्क्रीपटिव पेपर (लिखित परीक्षा) दिए था. उम्मीदवारों द्वारा साझा की गई जानकारी के अनुसार इसका कारण था, उन्होंने टेस्ट के पत्र -लेखन भाग में काल्पनिक नाम और पते का उपयोग किया था.

सुस्त बैठा आयोग

एसएससी ने उम्मीदवारों की परेशानियों को समझते हुए कहा था कि, उनके भविष्य को ध्यान में रखते हुए वह इस मामले की निष्पक्ष जांच कराएगा और उम्मीदवारों के साथ न्याय करेगा. लेकिन फिर भी कोई कारवाई नहीं हुई.

उम्मीदवार को जब कहीं से भी मदद नहीं मिली तो, उन्होनें खुद की मदद करने के लिए सभी छात्रों को एक साथ जोड़ा. इस तरह से पूरे देश में छात्रों का एक ग्रुप बन गया हैं, जो इस पूरे मामले में अपनी आवाज उठाए हुए है.

आज सभी उम्मीदवार #SSC_UFM_DECISION हैशटैग के साथ ट्वीटर पर ट्रेंड कर अपनी आवाज फिर से उठा रहे है.

कब हुई थी परीक्षा

SSC CHSL Tier -2 पहले चरण की परीक्षा 1 से 11 जुलाई 2019 के बीच आयोजित की गई थी. सीएचएसएल 2018 के लिए देशभर से 29.68 लाख परीक्षार्थियों ने पंजीकरण कराया था, जिनमें से 13.17 यानी 44.37 प्रतिशत परीक्षा में शामिल हुए थे. वहीं सीएचएसएल 2018 टियर 2 परीक्षा 29 सितंबर में आयोजित की गई थी. 

क्या है यूएफएम रूल (UFM Rule) जिसे हटाने की मांग कर रहे उम्मीदवार

यदि कोई परीक्षार्थी परीक्षा में अनुचित साधनों का उपयोग करता हुआ पाया जाता है, तो उसे परीक्षा से अयोग्य घोषित कर दिया जाएगा। SSC CHSL UFM आपको बढ़िया परीक्षा देने के बावजूद पेपर में शून्य अंक तक ला सकता हैं.

  • SSC के UFM नियम के अनुसार, उत्तर पुस्तिका में “वास्तविक या काल्पनिक” नामों का उपयोग करने वाले किसी भी उम्मीदवार को अयोग्य घोषित किया जाएगा। SSC द्वारा आयोजित परीक्षाओं में पहचान प्रकट करने पर कड़ाई से रोक है.
  • यदि कोई उम्मीदवार पत्र के प्रारूप का पालन नहीं करता है और अनौपचारिक पत्र के मामले में प्राप्तकर्ता के पते का उल्लेख करता है या पत्र में अप्रासंगिक व्यक्तिगत जानकारी जोड़ता हैं, तो उस स्थिति में, उम्मीदवार को शून्य अंक दिया जाएगा.
  • यदि कोई अभ्यर्थी उत्तर पुस्तिका पर कहीं भी अपना नाम लिखता है या गलती से आप निरीक्षक के कॉलम में हस्ताक्षर करते हैं, तो, उस स्थिति में उस उत्तर पुस्तिका का मूल्यांकन नहीं किया जाएगा और उसे शून्य अंक दिया जाएगा.
  • उम्मीदवार कॉपी में कोई वास्तविक या काल्पनिक फोन नंबर, पता नहीं लिख सकते.
  • कुछ लोग उत्तर पुस्तिका के पीछे निशान लगाते हैं या यहां तक कि रफ करते हैं। इसमें इसको सख्ती से प्रतिबंधित किया जाता है और यहां तक रिजल्ट के अंक कट सकते हैं. यह भी UFM श्रेणी में आता है और इसलिए इससे बचना चाहिए.
  • कागज में उल्लिखित के अलावा अन्य अनावश्यक जानकारी लिखने से शून्य अंक प्राप्त होंगे। उदाहरण के लिए, अगर कोई पता(एड्रेस) है कि रवि नोएडा का निवासी है. यदि उम्मीदवार रवि कुमार, हाउस नंबर 56, सेक्टर 18, नोएडा लिखते हैं तो यह एक अनुचित माना जाएगा और उन्हें पेपर में शून्य मिलेगा.
  • रोल नंबर, हस्ताक्षर, बाएं अंगूठे के निशान जैसी महत्वपूर्ण चीजों को नहीं भरना भी UFM के अंतर्गत आता है.
  • निबंध लिखते समय, यदि कोई उम्मीदवार शब्द सीमा 10% से पार कर जाता है, तो इससे अंक काटा जा सकता हैं.

नोट – छात्र अपनी सभी मांगो को लेकर @expertkhabari को ट्वीटर पर मैसेज कर सकते है. या हमें info@expertkhabari.com पर मेल कर सकते है. हम तत्परता से उनके मुद्दे उठाएंगे.

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