SSC UFM: ट्विटर पर एक बार फिर ट्रेंड करता एसएससी यूएफएम रूल

SSC CHSL UFM Rule
एसएससी यूएफएम रुल (SSC UFM Rule) के कारण हजारों उम्मीदवार अच्छे नंबर लाने के बावजूद फेल हो गए. उम्मीदवारों ने जब एसएससी (SSC) के सामने अपने मुद्दे उठाए तो कोई ठोस जवाब नहीं मिला. जिसके बाद से यह लगातार ट्वविटर (Twitter) पर ट्रेंड कर रहा है.

SSC के “UFM” नियम (जिसे आप काल्पनिक नियम भी कह सकते है) के कारण उम्मीदवार अयोग्य घोषित कर दिए गए. इन सभी छात्रों ने SSC CHSL की परीक्षा के डिस्क्रीपटिव पेपर (लिखित परीक्षा) दिए थे. उम्मीदवारों द्वारा साझा की गई जानकारी के अनुसार इसका कारण था, उन्होंने टेस्ट के पत्र -लेखन भाग में काल्पनिक नाम और पते का उपयोग किया था.

छात्रों की यही मांग है कि अनफेयर मीन्स रूल को हटाया जाए और सीएचएसएल टियर 2 परीक्षा का रिजल्ट दोबारा जारी किया जाए. सीएचएसएल के उम्मीदवारों का कहना है कि टियर 2 परीक्षा जिसमें पत्र लिखने को कहा गया था, उन्होंने पत्र में पते की जगह काल्पनिक पता लिखा था लेकिन इसे यूएफएम में आंका गया और उन्हें जीरो नंबर देकर फेल कर दिया गया.

उम्मीदवारों की मांग पर एसएससी ने एक नोटिस जारी कर कहा कि वह इस मामले की जांच करने के लिए एक कमेटी गठित करेगा. लेकिन लॉकडाउन होने की वजह से अभी तक कमेटी गठित नहीं हो पाई है. साथ ही छात्रों ने इस कमेटी की पारदर्शिता पर सवाल उठाया है.

आपको बता दें कि  25 फरवरी को कंबाइंड हायर सेकेंडरी लेवल परीक्षा (CHSLE) टायर-2 ( SSC CHSL tier 2) भर्ती  परीक्षा 2018 के परिणाम घोषित किए गए थे। इस परीक्षा में सफल हुए पोस्टल असिस्टेंट, शॉर्टिंग असिस्टेंट, जूनियर सेक्रेटरी असिस्टेंट, डीईओ, एलडीसी आदि पदों के लिए उम्मीदवारों को टाइपिंग टेस्ट/डेटा एंट्री स्पीड टेस्ट (DEST) के लिए बुलाया गया.

एसएससी सीएचएसएल टायर-2 पहले चरण की परीक्षा 1 से 11 जुलाई 2019 के बीच आयोजित की गई थी। सीएचएसएल 2018 के लिए देशभर से 29.68 लाख परीक्षार्थियों ने पंजीकरण कराया था, जिनमें से 13.17 यानी 44.37 प्रतिशत परीक्षा में शामिल हुए थे। वहीं सीएचएसएल 2018 टियर 2 परीक्षा 29 सितंबर में आयोजित की गई थी. 

क्या है यूएफएम रूल (UFM Rule)

यदि कोई परीक्षार्थी परीक्षा में अनुचित साधनों का उपयोग करता हुआ पाया जाता है, तो उसे परीक्षा से अयोग्य घोषित कर दिया जाएगा। SSC CHSL UFM आपको बढ़िया परीक्षा देने के बावजूद पेपर में शून्य अंक तक ला सकता हैं।

  • SSC के UFM नियम के अनुसार, उत्तर पुस्तिका में “वास्तविक या काल्पनिक” नामों का उपयोग करने वाले किसी भी उम्मीदवार को अयोग्य घोषित किया जाएगा। SSC द्वारा आयोजित परीक्षाओं में पहचान प्रकट करने पर कड़ाई से रोक है।
  • यदि कोई उम्मीदवार पत्र के प्रारूप का पालन नहीं करता है और अनौपचारिक पत्र के मामले में प्राप्तकर्ता के पते का उल्लेख करता है या पत्र में अप्रासंगिक व्यक्तिगत जानकारी जोड़ता हैं, तो उस स्थिति में, उम्मीदवार को शून्य अंक दिया जाएगा।
  • यदि कोई अभ्यर्थी उत्तर पुस्तिका पर कहीं भी अपना नाम लिखता है या गलती से आप निरीक्षक के कॉलम में हस्ताक्षर करते हैं, तो, उस स्थिति में उस उत्तर पुस्तिका का मूल्यांकन नहीं किया जाएगा और उसे शून्य अंक दिया जाएगा।
  • उम्मीदवार कॉपी में कोई वास्तविक या काल्पनिक फोन नंबर, पता नहीं लिख सकते।
  • कुछ लोग उत्तर पुस्तिका के पीछे निशान लगाते हैं या यहां तक कि रफ करते हैं। इसमें इसको सख्ती से प्रतिबंधित किया जाता है और यहां तक रिजल्ट के अंक कट सकते हैं। यह भी UFM श्रेणी में आता है और इसलिए इससे बचना चाहिए।
  • कागज में उल्लिखित के अलावा अन्य अनावश्यक जानकारी लिखने से शून्य अंक प्राप्त होंगे। उदाहरण के लिए, अगर कोई पता(एड्रेस) है कि रवि नोएडा का निवासी है। यदि उम्मीदवार रवि कुमार, हाउस नंबर 56, सेक्टर 18, नोएडा लिखते हैं तो यह एक अनुचित माना जाएगा और उन्हें पेपर में शून्य मिलेगा।
  • रोल नंबर, हस्ताक्षर, बाएं अंगूठे के निशान जैसी महत्वपूर्ण चीजों को नहीं भरना भी UFM के अंतर्गत आता है।
  • निबंध लिखते समय, यदि कोई उम्मीदवार शब्द सीमा 10% से पार कर जाता है, तो इससे अंक काटा जा सकता हैं।

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