इस गणेश चतुर्थी को राशि के अनुसार चढ़ायें गणपति के प्रिय मोदक मिलेगा सर्वोत्म फल

21 का है सर्वाधिक महत्व 

गणेश चतुर्थी को श्री गणेश की पूजा में मोदक का अत्यंत महत्व होता है। शास्त्रों के अनुसार मोदक शब्द मोद यानि आनन्द से आया है। इसका एक विशेष अर्थ होता है कि आहार तन का या मन का विचार रूपी जब तक सात्विक और शुद्ध ना हो व्यक्ति को जीवन का वास्तविक आनंद नहीं प्राप्त कर सकता है। एेसे में मोदक सिर्फ नैवेद्य नहीं बल्कि जीवन के मर्म के प्रतीक भी होते हैं। गणपति को मोदक चढ़ाने में संख्या का भी महत्व होता है। गणेश चतुर्थी के पूजन के समय 21 मोदक का भोग लगाना चाहिए। इसके लिए गणेश जी के 10 नामों का उच्चारण करते हुए हर बार 2 मोदक चढ़ायें इस प्रकार 20 लड्डू गणपति को अर्पित करके आखिरी में बचा 1 मोदक स्वयं प्रसाद के रूप में ग्रहण करें। मोदक के साथ हरित दूर्वा घास के 21 अंकुर भी लेकर अर्पित करने चाहिए।

राशि के अनुसार तय है संख्या 

इस गणेश चतुर्थी पर जो भक्त अपनी राशि के लिए सुनिश्चित संख्या में श्री गणेश को मोदक चढ़ाते हैं उन्हें मनवांछित लाभ प्राप्त होता है। मोदक का अर्थ है लड्डू इस लिए ये महाराष्ट्र में बनने वाला चावल आैर आटे का विशेष लड्डू हो या मोती चूर का, इससे कोर्इ अंतर नहीं पड़ता। हर राशि के लिए इनकी संख्या इस प्रकार होनी चाहिए। मेष राशि वालों को 28 मोदक चढ़ाने चाहिए, वृष राशि वालों को 23 आैर मिथुन राशि वालों को 31 लड्डू चढ़ाने सही रहेंगे। कर्क राशि वाले 21, जबकि सिंह राशि वाले 108 मोदक अर्पित करें। कन्या राशि वालों को 31, तुला वालों को 23, वृश्चिक वालों को 56 आैर धनु राशि वाले 24 मोदक चढ़ायें। इसी प्रकार मकर राशि वाले 36, कुंभ राशि वाले 51 आैर मीन राशि वालों को 108 मोदक अर्पित करने भगवान के आर्शिवाद से सर्वोत्म लाभ मिलेगा।

Jagran

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *