लीज उल्लंघन / मनी सेंटर के अवैध निर्माण पर चली जेसीबी, दुकान टूटती देख मालिकों के निकले आंसू

इंदौर. महू नाका से फूटी कोठी के बीच रणजीत हनुमान मंदिर से लगे विवादित मनी सेंटर (कमर्शियल कॉम्प्लेक्स) पर कोर्ट का निर्णय आने के बाद देररात तक दुकानदारों ने सामान समेटा। रविवार अलसुबह निगम की 5 टीमें आधा दर्जन जेसीबी, पोकलेन मशीन लेकर कार्रवाई करने पहुंचीं और मनी सेंटर के अवैध निर्माण को ढहाया। इसके बाद आईडीए अधिकारी यहां कब्जा लिया।                                                                                                                                                                                                                                                                       उपायुक्त महेंद्र सिंह चौहान ने बताया कार्रवाई के लिए 5 टीमें रविवार सुबह मौके पर पहुंचीं। पहले बिल्डिंग को विस्फोट से उड़ाने की तैयारी थी, लेकिन बाद में अधिकारियों ने मशीन के जरिए बिल्डिंग को ढहाने की योजना बनाई। सुबह आधा दर्जन जेसीबी और पोकलेन मशीन के साथ 150 से ज्यादा निगमकर्मी बिल्डिंग को ढहाने पहुंचे। बिल्डिंग के पाए काफी मजबूत थे, इस कारण पोकलेन मशीन के जरिए फ्रंट हिस्सा तोड़ने में सवा घंटे से ज्यादा समय लग गया। दुकानों को टूटता देख यहां पहुंची महिलाएं और बच्चों की आंखें छलक आईं।

क्या है मामला

  1. शुक्रवार को मध्यप्रदेश हाई कोर्ट की इंदौर खंडपीठ ने इंदौर विकास प्राधिकरण को मनी सेंटर की सभी 54 दुकानों का कब्जा लेने का आदेश दिया था। लीज शर्तों का उल्लंघन कर अस्पताल उपयोग के लिए निर्धारित प्लाॅट पर शॉपिंग कॉम्प्लेक्स का निर्माण कर दुकानें बेचने का मामला पिछले एक दशक से अधिक समय से कोर्ट में चल रहा है।

     

    ये तीसरा मौका है जब प्राधिकरण ने मनी सेंटर में कब्जा लिया। इसके पहले 2010 और इसी साल 7 जुलाई को कोर्ट के आदेश के बाद सेंटर में व्यापारियों के भारी विरोध के बाद 54 दुकानों का कब्जा प्राप्त कर लिया था। इसके बाद ही व्यापारियों ने प्राधिकरण की कार्रवाई को अवैध करार देते हुए कोर्ट में चुनौती दी थी

    व्यापारी बोले- सब साजिश के तहत है

    व्यापरियों का कहना है कि हम आदेश को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती देंगे। हमें एक दिन का समय दिया है। ये कार्रवाई सोमवार को भी तो कर सकते थे, लेकिन ये सब साजिश के तहत किया जा रहा है, क्योंकि रविवार को छुट्टी है। मालूम हो न्यायालय ने सुनवाई के बाद प्राधिकरण को 3 अगस्त को इन व्यापारियों को दुकानों का कब्जा वापस देने का अंतरिम निर्देश दिया था। इसके बाद इस याचिका की सुनवाई चल रही थी। शुक्रवार सुबह न्यायालय ने इस मामले का अंतिम रूप से निराकरण करते हुए व्यापारियों और सजनी बजाज की याचिका को खारिज कर दिया था।

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