MP Bye Assembly Election: कांग्रेस में दल-बदलुओं को टिकट देने का विरोध

Madhya Pradesh Bye Election 2020
मध्य प्रदेश में कोरोना वायरस (COVID-19) के संक्रमण, लॉकडाउन और महामारी से बचाव की कवायद के बीच उपचुनाव (MP Bye Assembly Election) की तैयारी भी चल रही है. बीजेपी इस मुद्दे पर वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए बैठकें कर रही है.

वहीं प्रदेश कांग्रेस कमेटी (PCC) के अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ (Kamalnath) ने मंगलवार को पार्टी नेताओं के साथ बैठक की. बैठक की अध्यक्षता कमलनाथ ने की. इसमें पार्टी छोड़कर जाने वाले या दल-बदलुओं को टिकट देने का सख्ती से विरोध किया गया. बैठक में ग्वालियर-चंबल संभाग के जिला अध्यक्ष विधायक और पूर्व मंत्री भी मौजूद थे.

पूर्व नेता प्रतिपक्ष ने उठाया मुद्दा

पीसीसी चीफ कमलनाथ की अध्यक्षता में हुई कांग्रेस की बैठक में मध्य प्रदेश में होने वाले विधानसभा उपचुनावों में दलबदलुओं को टिकट देने का मुद्दा सबसे ज्यादा चर्चा में रहा. वहीं एक नेता ने हाल ही में पार्टी छोड़ने वाले दिग्गज नेता ज्योतिरादित्य सिंधिया की वापसी की भी बात कही.

एमपी विधानसभा के पूर्व नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह ने दलबदलू नेताओं को टिकट न देने का मुद्दा उठाया. उन्होंने ऐसे नेताओं को टिकट देने पर आपत्ति जताई. अजय सिंह की बात का पूर्व मंत्री गोविंद सिंह ने भी समर्थन किया. बैठक में भिंड के मेहगांव से चौधरी राकेश सिंह को टिकट देने को लेकर जबर्दस्त विरोध हुआ.

सिंधिया की वापसी की भी चर्चा

पीसीसी की बैठक में उपचुनाव के साथ-साथ हाल ही में कांग्रेस छोड़कर जाने वाले ज्योतिरादित्य सिंधिया की घर वापसी का भी जिक्र छिड़ा. कांग्रेस नेता दिनेश गुर्जर ने दावा करते हुए कहा कि अगर वे चाहें तो 4 दिन के भीतर सिंधिया की पार्टी में वापसी करा सकते हैं. चूंकि बैठक ग्वालियर-चंबल संभाग के नेताओं के साथ हो रही थी, इसलिए इस मामले पर गहमा-गहमी तो दिखी, लेकिन इसे ज्यादा तवज्जो मिलता नजर नहीं आया.

बिछने लगी है बिसात

गौरतलब है कि कोरोना वायरस संकट के बावजूद मध्य प्रदेश में सियासी गहमा-गहमी अंदरखाने जारी है. बीजेपी और कांग्रेस, दोनों ही दलों में इसको लेकर तैयारियां की जा रही हैं. खासकर लगभग 2 माह पहले सत्ता से बाहर हुई कांग्रेस पार्टी इस उपचुनाव के जरिए बीजेपी के ऊपर हावी होने की कोशिश में है.

वहीं बीजेपी इस चुनाव में दोहरी चुनौती से जूझ रही है. एक तरफ वह उपचुनाव में कांग्रेस को किसी भी कीमत पर मात देना चाहती है. वहीं हाल ही में पार्टी में शामिल हुए ज्योतिरादित्य सिंधिया के समर्थक विधायकों को उपचुनाव में टिकट देने को लेकर पार्टी के भीतर भी खलबली मची हुई है.

इन सबके बीच पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ के ऊपर सबकी नजरें टिकी हुई हैं, जिन्होंने सत्ता जाने के बाद यह कहकर चौंका दिया था कि उपचुनाव में कांग्रेस, बीजेपी को जवाब देगी. कमलनाथ की साइलेंट रणनीति को लेकर भी मध्य प्रदेश की सियासत में गहमा-गहमी बढ़ी हुई है.

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source:news18.com

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