जम्मू कश्मीरः सुरक्षाबलों को बड़ी कामयाबी, लश्कर के टॉप कमांडर समेत 3 आतंकी ढेर

श्रीनगरः जम्मू कश्मीर में बुधवार को भारतीय सुरक्षाबलों को बड़ी कामयाबी मिली है. सुरक्षाबलों ने लश्कर टॉप कमांडर मेहराजुद्दीन बांगरू के अलावा दो आतंकियों को ढेर कर दिया है. मेहराजुद्दीन की सुरक्षाबलों को सालों से थी तलाश. इस आतंकी को श्रीनगर में लश्कर की जड़ मज़बूत करने के साथ साथ सभी आतंकी संगठनों के बीच तालमेल बनाए रखने का ज़िम्मा सौंपा गया था. मेहराजुद्दीन का मारा जाना सुरक्षाबलों के लिए बड़ी सफलता है. इस मुठभेड़ में पुलिस का जवान भी शहीद हुआ है.

कौन था मेहराजदीन बांगरू ?
फहतेकदल के मलिक आंगन का रहने वाला महराजुद्दीन बांगरु उर्फ पीर उर्फ गुरु उर्फ आसिफ कभी हिजबुल मुजाहिदीन के नामी आतंकियों में था. सुरक्षाबलों द्वारा 2002 में गिरफतार किए जाने के बाद वह काफी देर जेल में बंद रहा और जेला से रिहा होने के कुछ सालों तक उसने आतंकवाद से कोई नाता नहीं रखा. लेकिन वह हुर्रियत कांफ्रेंस से जुड़ रहा. 2002 से 2012 तक वो कई बार वो जेल आता जाता रहा. पुलिस सूत्रों के मुताबिक उसने फिर श्रीनगर में आतंकी गतिविधियों में बतौर ओवरग्राऊंड वर्कर हिस्सा लेना शुरु किया और उसने तहरीकुल मुजाहिदीन का नेटवर्क श्रीनगर में बनाना शुरु किया. डाऊन-टाऊन के नौहटटा व उसके साथ सटे इलाकों में उसने स्थानीय युवकों का एक दल भी तैयार किया जो आईएसआईएस की विचारधारा से प्रभावित थे.

वर्ष 2015 में महराजुदीन बांगरु श्रीनगर से अचानक एक दिन गायब हो गया और तहरीकुल मुजाहिदीन का एक सक्रिय कमांडर बन गया. उसके साथ ही उसने श्रीनगर उसके साथ सटे इलाकों में नए लड़कों की भर्ती शुरु करते हुए दक्षिण व सेंट्रल कश्मीर में सक्रिय पुराने आतंकियों के साथ सपर्क भी बनाया. वह हिज्बुल और लश्कर के आतंकयों के बीच भी एक कोर्डिनेटर की भूमिका निभाने लगा. ख़ुफ़िया विभाग के सूत्रों के मुताबिक उसने ही दाऊद सलाफी, इसा फाजली, मुगीस, फैजान, सजद गिलकार समेत कई युवकों को आतंकी संगठनों में शामिल कराया था. इनमें से कई लड़कों ने आईएसआईएस और जाकिर मूसा का गुट भी चुना. तहरीकुल मुजाहिदीन के चीफ कमांडर जमील उर रहमान के साथ मतभेद के चलते बीते साल मेहराज लश्कर में शामिल हो गया था.

पुलिस का मुताबिक मेहराजुद्दीन के मारे जाने से ना सिर्फ लश्कर बल्कि सभी आतंकियों संगठनों को एक बड़ा नुकसान हुआ है. खासकर श्रीनगर शहर में जो आतंकियों का नेटवर्क बना था वो टूट गया है और इसे श्रीनगर में आतंकी घटनाओं में कमी होगी और नई भर्ती भी थम जाएगी.

गौरतलब है कि जिस मुठभेड़ में मेहराजदीन बांगरू मारा गया वो आज सुबह करीब 5.30 बजे श्रीनगर के डाउन टाउन इलाके के फहतेकदल इलाके के सईद अली अकबर मोहले में हुई. हालांकि इस इलाके की घेराबंदी देर रात करीब 11 बजे की गई थी. पुलिस के मुताबिक सुबह आतंकियों ने तलाशी दल पर गोलियां बरसाई जिसके बाद की गई जवाबी करवाई में कुछ देर तक चलीं. गोलियां की आवाज बंद होने के बाद सुरक्षाबलों ने जिस घर से गोलियां चली थी वहां जाकर  देखा तो तीन शव मिले.

जम्मू कश्मीर पुलिस के डीजीपी दिलबाग सिंह के मुताबिक “जो पिछली रात के ऑपरेशन था एक सूचना के मुताबिक कुछ आतंकियों के छुपाए होने की खबर मिली घेरा करते ही एक घर से तलाशी दल पर फायरिंग हुई जिसमें एक जवान कमल किशोर शहीद हुआ. जब ऑपरेशन ख़त्म हुआ सुबह तलाशी के दौरान तीन शव मिले और तीन जो आतंकी है उन में दो की शिनाख्त हुई है एक मेहराजुद्दीन बांगरू के तौर पर हुई दूसरा उसके साथ फहद वज़ा जो उसका साथी था वो भी काफी समय से सक्रिय था और तीसरा इनका साथी था. मेहराज काफी आतंकी करवाई में शामिल था यह श्रीनगर शहर के लिए बड़ा खतरा था.”

इस मुठभेड़ में बाकि दो लोग मारे गए उनमें से पुलिस ने खुलसा करते कहा कि एक फैद मुश्ताक वाजा था जो इसी साल मार्च महीने के दौरान लश्कर का आतंकी बना था. उसका कोड नाम अबु ओसामा रखा गया था. आतंकी बनने के वक्त वो दसवीं कक्षा में पड़ता था. वो श्रीनगर के डाउन टाउन के अकिलमीर खनीयर का रहने वाला था. पुलिस ने यह भी बताया कि फैद काफी आतंकी मामलों में वांटेड था. तीसरे मारे गए की पहचान फहतेकदल के रहने राईस अहमद तौर पर पुलिस ने की है.

फोटोः IANS

जम्मू कश्मीर के जवान कमल किशोर जो इस मुठभेड़ में शहीद हुवा जो श्रीनगर की पुलिस लाइन्स में श्रद्धांजलि दी गई. इस मौके पर डीजीपी के इलावा सभी अला अधिकारी मौजूद थे. बाद में इस जवान के शव को उनके गावों गम-मोड मोहर रियासी भेजा गया.

दोनों मारे गए आतंकियों के श्रीनगर के होने से श्रीनगर खास कर डाउन टाउन में काफी तनाव पैदा हुआ. सभी स्कूल कॉलेज बंद कर दिए गए, मोबाइल इंटरनेट को भी बंद कर दिया गया. शहर के कई इलाकों से हिंसक प्रदर्शनों की भी खबर मिली.वहीं अलगाववादियों ने राईस को मारे जाने पर कल कश्मीर बांध की काल दी है.

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