यूपी की योगी सरकार का फैसला: बसपा प्रमुख मायावती का बंगला सपा छोड़ चुके शिवपाल यादव को दिया

लखनऊ: उत्‍तर प्रदेश में योगी आदित्‍यनाथ की सरकार ने बसपा सुप्रीमो मायावती का खाली बंगला समाजवादी पार्टी छोड़ चुके शिवपाल यादव को दिया है. आपको बता दें कि सात मई 2017 को सुप्रीम कोर्ट ने आदेश दिया था कि उत्तर प्रदेश में पूर्व मुख्यमंत्रियों को अब सरकारी बंगले खाली करने होंगे. इसके बाद मायावती, अखिलेश यादव, राजनाथ सिंह और मुलायम सिंह यादव ने बंगला खाली कर दिया था.

बीएसपी सुप्रीमो मायावती ने पूर्व मुख्यमंत्री की हैसियत से मिले एक सरकारी बंगले 6 लाल बहादुर शास्त्री मार्ग को इस साल मई महीने में खाली कर दिया था और उसकी चाबी स्पीड पोस्ट से सरकार को भेज दी थी. बंगले पर बकाया 73 लाख का बिजली का बिल भी जमा करके उसकी रसीद भी सरकार को दे थी. इससे पहले मायावती ने इस बंगले को कांशीराम स्मारक बनाने की मांग की थी.

मायावती के निजी सचिव मेवालाल गौतम ने बताया था कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश का पालन करते हुये उत्तर प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री मायावती ने 29 मई को लालबहादुर शास्त्री मार्ग स्थित बंगला नंबर छह खाली कर दिया. यह बंगला उन्हें पूर्व मुख्यमंत्री की हैसियत से आवंटित किया गया था. उन्‍होंने बताया कि बंगले की चाबी स्पीड पोस्ट के जरिए भेजी गई थी जो रिसीव हो गई और पत्र के साथ साक्ष्य के तौर पर 6, कालिदास मार्ग के बिजली के बिल भी लगाए गए हैं.

बहुजन समाज पार्टी का एक प्रतिनिधि मंडल मुख्यमंत्री आदित्यनाथ से भी मिला था और उन्‍होंने सीएम को बताया था कि जिस बंगले को खाली करने को कहा जा रहा है वह 2011 में कांशीराम स्मारक के नाम पर बदल दिया गया था और मायावती के पास उस बंगले में केवल दो कमरे है. सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद जब मायावती को बंगला खाली करने का नोटिस दिया गया था तो उसके बाद बसपा ने 21 मई को सरकारी बंगले के बाहर ‘कांशीराम जी यादगार विश्राम स्थल’ का बोर्ड लगा दिया था.

गौरतलब है कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर राज्य संपत्ति अधिकारी ने पूर्व मुख्यमंत्रियों को 15 दिन के भीतर बंगले खाली करने का नोटिस जारी किया था. बीते सात मई को सुप्रीम कोर्ट ने आदेश दिया था कि उत्तर प्रदेश में पूर्व मुख्यमंत्रियों को अब सरकारी बंगले खाली करने होंगे. भारतीय जनता पार्टी के पूर्व मुख्यमंत्री राजनाथ सिंह ने अपना बंगला खाली कर दिया था, जबकि कल्याण सिंह ने बंगला खाली करने के लिये सहमति दे दी थी. वहीं नारायण दत्त तिवारी की पत्नी उज्ज्वला तिवारी ने नारायण दत्त की तबियत खराब होने का हवाला देते हुये और पूर्व मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव और सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने वैकल्पिक व्यवस्था होने तक अपने अपने बंगलो में रहने का समय मांगा था.

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