एनएसए और अमित शाह की मीटिंग, फिर गठबंधन ख़त्म, क्या है मोदी सरकार का अगला प्लान ?

नई दिल्ली। जम्मू कश्मीर में ढाई साल के तनावपूर्ण गठबंधन का आख़िर मंगलवार को समापन हो गया।  दोनों पार्टियों में एक दूसरे की कमियां गिनाने लगी, जो कुछ देर पहले तक एक दूसरे का समर्थन करते थे. आख़िर ये क्यों ना हो इसे ही तो कहते है राजनीति। इस राजनीति के एक विशेषज्ञ मेहबूबा मुफ़्ती है तो दूसरे अमित शाह।

इस गठबंधन के टूटने की चर्चा उतनी नहीं हुई जितनी की, अमित शाह और एनएसए अजीत डोभाल के मीटिंग की हुई। दरसअल एक राजनीतिक पार्टी के अध्यक्ष के तौर पर अमित शाह की मुलाकात    एनएसए से होना और उसके कुछ समय बाद कश्मीर में हलचल बढ़ जाना, कही ना कही सवाल खड़ा करता है।
वैसे कही ये नियम नहीं है की पार्टी का अध्यक्ष एनएसए से मुलाकात नहीं कर सकते।  लेकिन मुलाकात के बाद सरकार गिर जाना ये थोड़ा सोचने पर मज़बूर करती है।  माना जा रहा है की, बीजेपी ये सब 2019 के चुनावों को ध्यान में रख कर कर रही है।  बीजेपी को अब अहसास हो गया है की उसने जो वादे लोगो से किये थे, उसे कुछ हद तक तो पूरा करना होगा। इसी कड़ी में यह कदम उठाया गया है।

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