CAA गलत है तो ओवैसी जैसे नेताओं ने अपने बीबी-बच्चों को शाहीन बाग़ क्यों नहीं भेजा बैठने के लिए ?

संसद से लेकर सड़क तक कुछ तथाकथितों द्वारा नागरिकता संसोधन कानून ( CAA ) का विरोध जारी है। ओवैसी जैसे नेता CAA के खिलाफ एक से बढ़कर एक भड़काऊ भाषण दे रहे हैं। दिल्ली के शाहीन बाग़ में पिछले सवा महीनें से कथित धरना प्रदर्शन चल रहा है। मुस्लिम प्रदर्शनकारियों ने पूरी ठण्ड काट दी शाहीन बाग़ की सड़कों पर सिर्फ एक तम्बू तानकर? ओवैसी जैसे नेता इन मुस्लिम प्रदर्शनकारियों का समर्थन कर रहे हैं? यहाँ ध्यान देने योग्य बात यह है की अगर CAA वाकई गलत है तो ओवैसी जैसे नेता अपनी बीबी-बच्चों को शाहीन बाग़ की सड़कों पर बैठने के लिए क्यों नहीं भेजा! ये हमें नहीं शाहीन बाग़ की मुस्लिम महिलाओं को सोंचना चाहिए?

शाहीन बाग़ में धरने पर बैठी मुस्लिम महिलाओं ने क्या? कभी सोचा है कि अगर संसद से लेकर आपके मंच तक पर बयान देनेवाले सारे नेताओं को लगता है कि CAA/NRC गलत है तो, चाहे वो राहुल गांधी हों या अधीर रंजन चौधरी या ओवैसी, इन लोगों ने अपने घर की महिलाओं और बच्चों को ठंड में आपके साथ सड़क पर बैठने क्यों नहीं भेजा?

मुझे लगता है की शाहीन बाग़ में बैठी महिलाओं को इसपर विचार करना चाहिए? क्योंकि इन्हीं महिलाओं की आड़ में ओवैसी जैसे नेता अपनी राजनितिक रोटियां सेंक रहे हैं और परेशान हो रही काम जागरूप महिलायें?

बता दें की नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) व एनआरसी के विरोध में शाहीन बाग में दो महीने से चल रहा धरना अब थक सा गया है। पिछले कुछ दिनों से धरने पर बैठे लोगों की संख्या तेजी से घटती जा रही है। लिहाजा लोग बस कोई सम्मानजनक अंत चाहते हैं। कई दिनों से दावा किया जा रहा था कि रविवार को शाहीन बाग से करीब 5000 लोग केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मिलने जाएंगे, लेकिन मुश्किल से 300-400 लोग ही इकट्ठा हो पाए थे।

दरअसल, इस धरने से लोगों का बहुत नुकसान हुआ है। काम धंधा चौपट हो गया है। धरना स्थल के आसपास 100 से ज्यादा बड़े-बड़े ब्रांडों के शोरूम हैं। दो माह से अधिक समय से यह शोरूम बंद पड़े हैं। कालिंदी कुंज से जामिया नगर थाने जाने वाला मार्ग बंद होने से सैकड़ों दुकानें भी बंदी की कगार पर है

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