संसद में यह बिल पास होने के बाद सिर्फ नाम के मुख्यमंत्री रह जाएंगे Arvind Kejriwal

Arvind Kejriwal

दिल्ली की संवैधानिक स्थिति बहुत जल्द बदलने वाली है और अगर ऐसा होता हैं तो दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल (Arvind Kejriwal) सिर्फ नाम के मुख्यमंत्री रह जाएंगे. इसलिए कांग्रेस पार्टी और आम आदमी पार्टी अभी से ही बीजेपी पर हमलवार हैं.

इस बिल के ज़रिए राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली सरकार कानून 1991 में तीन बड़े और अहम बदलाव किए गए हैं. कानून के सेक्शन 21 में बदलाव करके कहा गया है कि दिल्ली विधानसभा से पारित किए गए किसी भी कानून में ‘सरकार’ शब्द का मतलब ‘उपराज्यपाल’ माना जाएगा.

सेक्शन 44 में भी बड़ा बदलाव किया गया है, जिसके मुताबिक दिल्ली सरकार या विधानसभा द्वारा लिए गए किसी भी फ़ैसले के क्रियान्वयन के पहले उपराज्यपाल की राय लेना अनिवार्य बनाया गया है. सेक्शन 24 का दायरा बढ़ाया गया है.

इस सेक्शन में उपराज्यपाल को कुछ मामलों में विधानसभा द्वारा पारित कानून को मंज़ूरी देने से मना करने का प्रावधान है. इस सेक्शन में बदलाव करके जोड़ा गया है कि वैसे सभी विषय जो विधानसभा की शक्ति से बाहर हैं, उन्हें उपराज्यपाल की मंज़ूरी नहीं मिलेगी.

अरविंद केजरीवाल (Arvind Kejriwal) ने ट्वीट कर कहा, भाजपा को दिल्ली के लोगों ने खारिज कर दिया है. पहले विधान सभा में सिर्फ आठ सीटें दीं, फिर हाल के नगर निगम उपचुनाव में एक भी सीट नहीं दी. इससे भाजपा अब लोकसभा में विधेयक के जरिए चुनी हुई सरकार की शक्तियों को काफी कम करना चाहती है.

विधेयक संविधान पीठ के फैसले के विपरीत है. हम भाजपा के असंवैधानिक और लोकतंत्र विरोधी कदम की कड़ी निंदा करते हैं.’ दूसरे ट्वीट में उन्होंने कहा, ‘विधेयक कहता है कि दिल्ली के लिए सरकार का मतलब एलजी होगा. सभी फाइलें एलजी के पास जाएंगी.

फिर चुनी हुई सरकार क्या करेगी. यह संविधान पीठ के फैसले के खिलाफ है, जो कहता है कि फाइलें एलजी को नहीं भेजी जाएंगी. सिर्फ फैसले की प्रति एलजी को भेजी जाएगी.’

वहीं कांग्रेस नेता मनीष तिवारी (ManishTewari) ने कहा, ‘गवर्नमेंट ऑफ नेशनल कैपिटल टैरिटरी ऑफ दिल्ली (संशोधित बिल) 2021 अगर लागू होता है, तो दिल्ली में लोकतंत्र दब जाएगा.

अगर बिल पास हुआ तो दिल्ली की चुनी हुई सरकार और विधान सभा उपराज्यपाल के दरबार में सिर्फ याचिकाकर्ता होंगे. अब उपराज्यपाल दिल्ली पर आक्रामक तरीके से राज करेंगे, वो भी गृह मंत्रालय के जरिए.’ 

इस बीच बुधवार को संसद में पेश होने वाले इस कानून को लेकर बीजेपी ने अपने सभी सांसदों को संसद में मौजूद रहने को लेकर तीन लाइन का विह्प जारी किया है.

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Source: Zee news

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