World Water Day: कोरोना वायरस के चलते लगातार हाथ धोने के बाद क्या होगी पानी की स्थिति

आज 22 मार्च को विश्व जल दिवस (World Water Day) मनाया जाता है. इस मौके पर पूरी दुनिया में पानी के संरक्षण पर विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जाते है. कोरोना वायरस (Coronavirus) के खतरे के बीच भी हमें इस बात का ध्यान रखना होगा की पानी की बर्बादी कम से कम हो. डॉक्टर वायरस के बचने के लिए साबुन से हाथ धोनें के लिए कह रहे है, जिसके कारण पूरी दुनिया में पानी के खपत कभी बढ़ गई. डॉक्टरों की सलाह पर हाथ धोने के लिए अंदाजन 20 लीटर पानी एक आदमी इस्तेमाल कर रहा है.

भारत (India) में लोगों को शुद्ध जल मुहैया करवाना आजादी के बाद से ही एक बड़ी चुनौती रही है. नीति आयोग (Niti Ayog) कि रिपोर्ट के मुताबिक दूषित पानी के वजह से देश में 1.75 लाख लोगों की जान ले रहा है. किसी भी महामारी के दौरान लोगों को शुद्ध जल न मिलना उन्हें आसानी से मौत के मुंह में धकेल देता है. रिपोर्ट में कहा गया है कि 2030 तक देश में पानी की मांग उपलब्ध जल वितरण से दोगुनी हो जाएगी.

नीति आयोग की रिपोर्ट के मुताबिक साल 2020 तक दिल्ली और बेंगलुरु जैसे भारत के 21 बड़े शहरों में भू-जल खत्म हो सकता है. इससे करीब 10 करोड़ लोग प्रभावित होंगे. अगर हालात ऐसे ही रहे तो 2030 तक देश में पानी की मांग दोगुनी हो जाएगी. 2020-2021 के बजट में सरकार ने जल जीवन मिशन योजना के लिए 11500 करोड़ का प्रावधान किया है, लेकिन लक्ष्य हासिल करने की रफ्तार बहुत ही धीमी है.

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